माउंट आबू। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के मानसरोवर परिसर में आयोजित पांच दिवसीय अकल्ट परिवार मिलन राजयोग शिविर का समापन ज्योतिष, आध्यात्मिकता और राजयोग के अद्भुत संगम के साथ हुआ। देशभर से लगभग 300 ज्योतिष विशेषज्ञ, हस्तरेखा विद्वान, अंकज्योतिषी, कॉस्मिक हीलिंग विशेषज्ञ और विभिन्न आध्यात्मिक चिंतक इस विशेष शिविर में शामिल हुए।
स्वागत सत्र में संस्था के महासचिव राजयोगी बीके करुणा भाई ने कहा कि “ज्योतिष विद्वानों का परमात्मा के घर आना इस बात का संकेत है कि दुनिया सकारात्मक परिवर्तन की ओर बढ़ रही है।” उन्होंने और राजयोगिनी डॉ. सविता दीदी ने देशभर से आए विद्वानों एवं अतिथियों का गर्मजोशी से स्वागत किया।
ब्रह्माकुमारीज को भगवान का घर बताते हुए करुणा भाई ने कहा कि यहां आने वाला हर व्यक्ति परमात्मा का अतिथि बन जाता है। कार्यक्रम में बीके बिंदु दीदी ने संस्था का विस्तृत परिचय देते हुए राजयोग की शिक्षाओं को जीवन उपयोगी बताया।
मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे उत्तराखंड सरकार के राज्य मंत्री श्यामवीर सैनी ने कहा कि “उत्तराखंड की देवभूमि और आध्यात्मिक धरा से यहां आकर ऐसा प्रतीत होता है कि वास्तव में माउंट आबू स्थित ब्रह्माकुमारीज परिसर ही परमात्मा का वास्तविक घर है, जहां शांति और ऊर्जा की अनुभूति सहज होती है।”
संस्कृत भारती के अध्यक्ष एवं उत्तराखंड के पूर्व संस्कृत शिक्षा निदेशक डॉ. आनंद भारद्वाज ने राजयोग की विधि और उसके लाभ को संस्कृत, हिंदी और अंग्रेजी में विद्वत्तापूर्ण तरीके से समझाया।
ज्योतिष गुरु गोपाल राजू ने कहा कि ज्योतिष केवल व्यवसाय का विषय नहीं बल्कि सेवा का माध्यम है, जिसका उपयोग समाज और देश के कल्याण के लिए होना चाहिए। आध्यात्मिक चिंतक अर्जुन राम ने इस मिलन को राजयोग शिविर के रूप में ब्रह्माकुमारीज द्वारा आयोजित किए जाने के प्रयास की सराहना की।
विक्रमशिला हिंदी विद्यापीठ के उपकुलपति डॉ. श्रीगोपाल नारसन ने अपने जीवन में राजयोग अभ्यास से हुए सकारात्मक बदलाव साझा करते हुए कहा कि ब्रह्माकुमारीज संस्था हिंदी, अध्यात्म और मानव मूल्य—तीनों की सेवा में निरंतर कार्य कर रही है।
बीके सुशील भाई के संचालन में बीके मीना दीदी ने सभी को राजयोग का अभ्यास कराया। स्वागत सत्र में मधुरवाणी ग्रुप ने मधुर स्वागत गीत प्रस्तुत किया, जबकि बालिका खुशी ने आकर्षक स्वागत नृत्य से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम में पूर्व राज्य मंत्री मेलाराम प्रजापति, स्वतंत्रता सेनानी परिवार से श्रीपाल वत्स, बार एसोसिएशन रुड़की के पूर्व अध्यक्ष विजेंद्र सिंह वर्मा, पूर्व एसएसपी अरविंद भारद्वाज, सरदार पटेल विचार मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष सेठपाल परमार सहित कई सम्मानित अतिथि मौजूद रहे।
शिविर में हस्तरेखा, जन्मपत्री, मस्तिष्क रेखा, अंकज्योतिष, कॉस्मिक हीलिंग और फलित ज्योतिष पर महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। भविष्य वक्ता अजय भांबी ने कहा कि आने वाले समय में देश और दुनिया में बड़े सकारात्मक परिवर्तन निश्चित हैं।
राजयोगी जगदीश भाई ने इस आयोजन को एक अद्भुत आध्यात्मिक उत्सव बताया, वहीं बीके कोमल भाई ने कहा कि “परमात्मा के घर में वे ही गुण अपनाने चाहिए जो हम परमात्मा में देखते हैं।”
अंत में अकल्ट परिवार की ओर से जगदीश भाई, कोमल भाई और देहरादून से आए सुशील भाई का शाल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। कार्यक्रम के पश्चात प्रतिभागियों ने ब्रह्माकुमारीज परिसरों का भ्रमण भी किया।








