इंदौर। मिनी मुंबई कहलाने वाला इंदौर शहर सोमवार की रात एक दर्दनाक हादसे का गवाह बना। शहर के रानीपुरा इलाके में जवाहर मार्ग स्थित प्रेमसुख टॉकीज के पीछे एक पांच मंजिला पुराना मकान अचानक भरभराकर गिर गया। इस हादसे में मलबे में दबकर दो लोगों की मौत हो गई, जबकि 12 लोगों को जिंदा निकाल लिया गया। घटना के तुरंत बाद इलाके में चीख-पुकार मच गई और अफरा-तफरी का माहौल हो गया।
सूचना मिलते ही नगर निगम, पुलिस प्रशासन और एसडीईआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। रात करीब नौ बजे हुए इस हादसे के बाद तीन जेसीबी मशीनों की मदद से राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। अंधेरे और मलबे के बीच फंसे लोगों को निकालने के लिए जवानों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस मकान में करीब छह परिवार रहते थे। अचानक हुए इस हादसे ने पूरे मोहल्ले को दहशत में डाल दिया।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि कुल 14 लोग मलबे में दबे थे। इनमें से 12 को जिंदा निकाल लिया गया, जबकि दुर्भाग्य से दो लोगों की मौत हो गई। बचाए गए लोगों में से एक के पैर में गंभीर चोट आई है और उसका उपचार अस्पताल में किया जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मकान काफी पुराना था और लंबे समय से जर्जर हालत में खड़ा था। आसपास के लोग इसकी हालत को लेकर पहले भी चिंता जता चुके थे, लेकिन हादसा होते-होते टाल न सका। रात का समय होने के कारण बचाव कार्य में और भी मुश्किलें आईं, मगर प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए राहत अभियान चलाया।
फिलहाल घटना स्थल पर मलबा हटाने और पूरी तरह से जांच करने का काम जारी है। पुलिस ने इलाके को घेरकर सुरक्षा बढ़ा दी है, ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने। इस हादसे ने एक बार फिर पुराने और जर्जर मकानों की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।








