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दिसंबर की ठंड में आस्था और सैर का संगम: क्यों खास है रजरप्पा का माँ छिन्नमस्ता मंदिर?

मनोज झा

रजरप्पा (रामगढ़)। झारखंड के प्रसिद्ध धार्मिक और पर्यटन स्थलों में शुमार रजरप्पा स्थित माँ छिन्नमस्ता मंदिर इन दिनों सैलानियों और श्रद्धालुओं का प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। दिसंबर महीने की शुरुआत होते ही यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है। दामोदर और भैरवी नदी के संगम पर स्थित यह सिद्ध पीठ न केवल आस्था का केंद्र है, बल्कि प्राकृतिक सौंदर्य और पर्यटन के लिहाज से भी खास पहचान रखता है।

माँ छिन्नमस्ता मंदिर राजधानी राँची से लगभग 70 किलोमीटर और जिला मुख्यालय रामगढ़ से 22 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। हर साल ठंड के मौसम में लोग यहाँ “एक पंथ दो काज” की कहावत को चरितार्थ करते नजर आते हैं। श्रद्धालु जहाँ एक ओर माँ के दर्शन और पूजा-पाठ के लिए पहुँचते हैं, वहीं दूसरी ओर परिवार और दोस्तों के साथ पिकनिक का भरपूर आनंद भी उठाते हैं।

दामोदर-भैरवी संगम स्थल की कल-कल करती नदियाँ और आसपास की हरियाली पर्यटकों को खासा लुभाती है। यहाँ नौका विहार पर्यटकों के लिए प्रमुख आकर्षण बना हुआ है। दूर-दराज से लोग अपने परिजनों के साथ रजरप्पा पहुँचकर नाव की सवारी करते हुए प्राकृतिक दृश्यों का आनंद लेते हैं। संगम स्थल की खूबसूरती कैमरों में कैद करने के लिए भी लोग बड़ी संख्या में यहाँ पहुँचते हैं।

धार्मिक और प्राकृतिक महत्व के साथ-साथ रजरप्पा अब फिल्म शूटिंग के लिए भी पसंदीदा लोकेशन बनता जा रहा है। इन दिनों भोजपुरी और नागपुरी फिल्मों की शूटिंग यहाँ की खूबसूरत वादियों में की जा रही है, जिससे इस क्षेत्र के प्रति लोगों का आकर्षण और अधिक बढ़ गया है।

माँ छिन्नमस्ता मंदिर से लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित **गर्म जल कुंड** भी पर्यटकों के बीच काफी लोकप्रिय है। मान्यता है कि इस कुंड में स्नान करने से चर्म रोग जैसी बीमारियों से राहत मिलती है। स्थानीय लोगों के अनुसार, जल में फॉस्फोरस की अधिक मात्रा होने के कारण यह स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है। इसी वजह से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहाँ स्नान के लिए पहुँचते हैं।

इसके अलावा, रजरप्पा आवासीय कॉलोनी से करीब तीन किलोमीटर दूर स्थित **बाह्मनधारा तट** भी पिकनिक प्रेमियों की पसंदीदा जगह है। आसपास के ग्रामीण इलाकों के लोग यहाँ परिवार के साथ समय बिताने आते हैं। शांत वातावरण और प्राकृतिक सौंदर्य इस स्थान को और भी खास बना देता है।

माँ छिन्नमस्ता मंदिर न्यास समिति के पदाधिकारियों का कहना है कि नववर्ष के अवसर पर रजरप्पा मंदिर में श्रद्धालुओं और सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ती है। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में साफ-सफाई और व्यवस्थाओं को लेकर विशेष तैयारी की जा रही है, ताकि पूजा-पाठ और पिकनिक के दौरान किसी प्रकार की असुविधा न हो।

वहीं सुरक्षा के दृष्टिकोण से प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद है। नववर्ष को लेकर मंदिर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। असामाजिक तत्वों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालु और पर्यटक निश्चिंत होकर माँ छिन्नमस्ता के दर्शन और प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद ले सकें।

 

 

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