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झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की बैठक में हुआ बड़ा फैसला, बनी नई संयोजक मंडली

रजरप्पा। चितरपुर प्रखंड के सेवई उत्तरी पंचायत भवन में रविवार को झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा की अहम बैठक आयोजित हुई। बैठक की अध्यक्षता वरिष्ठ आंदोलनकारी **जगरनाथ महतो** ने की, जबकि संचालन **सुलेमान अंसारी** ने संभाला। इस मौके पर झारखंड आंदोलनकारी नेता और अधिवक्ता **जगत महतो** मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे।

बैठक में बड़ी संख्या में आंदोलनकारी शामिल हुए और राज्य सरकार से अपने अधिकारों और सुविधाओं को लेकर महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की। आंदोलनकारियों ने कहा कि झारखंड आंदोलन में भाग लेने वाले तमाम लोगों ने बड़े संघर्ष और बलिदान दिए हैं, लेकिन आज भी उन्हें उनके हक और मान-सम्मान से वंचित रखा जा रहा है।

बैठक के दौरान सर्वसम्मति से **संयोजक मंडली का गठन** किया गया। इसमें **जगरनाथ महतो, सतीश कुमार महतो, तारा प्रसाद, सखीचंद राम दांगी, उमेश महतो, चितरंजन महतो, सुलोचना देवी और ओहदार** को शामिल किया गया।

संघर्ष मोर्चा ने यह निर्णय लिया कि आंदोलनकारियों की लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार तक एकजुट होकर आवाज पहुंचाई जाएगी। प्रमुख मांगों में आंदोलनकारियों को **मान-सम्मान दिलाना, जेल जाने की अनिवार्यता समाप्त करना और उचित पेंशन योजना लागू करना** शामिल है।

बैठक में शामिल आंदोलनकारियों ने कहा कि झारखंड राज्य गठन के 25 साल बाद भी आंदोलनकारियों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सरकार को चाहिए कि वह उनके योगदान को सम्मानित करते हुए जल्द से जल्द ठोस कदम उठाए।

बैठक में **सतीश कुमार महतो, तारा प्रसाद, रफुल अंसारी, दीपक कुमार, लक्ष्मण महतो, किशोर पोद्दार, कौलेश्वर महतो, गोवर्धन महतो, शिवचरण महतो, रामकिशुन महतो, उमेश महतो, गंगा देवी, जीवन महतो, बिशुन महतो, रामचंद्र महतो, रामदेव महतो, विमला देवी, सुलोचना देवी, दुर्गाचरण चौधरी, पियासो देवी, बिराजो देवी, सखीचंद राम दांगी, संत राम दांगी, ठाकुरदास महतो** समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।

आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।

 

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