रामगढ़। गोला प्रखंड की लुकैया पंचायत अंतर्गत रालीबेड़ा गांव में पेयजल संकट की सूचना सामने आते ही जिला प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान कर दिया। उपायुक्त ऋतुराज ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश दिए।
उपायुक्त के निर्देश पर विभागीय तकनीकी टीम ने युद्ध स्तर पर कार्य शुरू किया। पंचायत सचिव, मुखिया और कनिष्ठ अभियंता की मौजूदगी में जलापूर्ति व्यवस्था में आई तकनीकी खामियों को दूर किया गया। मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद चापाकल आधारित पेयजल आपूर्ति को पुनः सुचारू कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली।
प्रशासन ने केवल तत्काल समाधान तक ही खुद को सीमित नहीं रखा, बल्कि ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल की निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्र में पानी का टैंकर भी उपलब्ध कराया। इससे मरम्मत कार्य के दौरान भी लोगों को पेयजल की समस्या का सामना नहीं करना पड़ा।
समस्या के स्थायी समाधान के उद्देश्य से कनिष्ठ अभियंता एवं विभागीय अधिकारियों की टीम ने गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान गांव में स्थापित जल मीनार का विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण भी किया गया। अधिकारियों ने जलापूर्ति प्रणाली की वर्तमान स्थिति का आकलन कर भविष्य में आने वाली संभावित समस्याओं को दूर करने की योजना तैयार की।
प्रशासन की ओर से जल्द ही जल सहिया एवं संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक में जलापूर्ति व्यवस्था की शेष कमियों पर चर्चा कर उन्हें दूर करने की कार्ययोजना बनाई जाएगी, ताकि ग्रामीणों को लंबे समय तक निर्बाध पेयजल सुविधा मिल सके।
उपायुक्त ऋतुराज ने कहा कि जिला प्रशासन जिले के सुदूरवर्ती और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले प्रत्येक नागरिक को स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन लगातार सक्रिय रहेगा।







