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20 रुपये की बचत से शुरू हुआ सफर, आज सालाना 3 लाख रुपये कमा रही हैं गंगा देवी

 रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित कुजुकला गांव की गंगा देवी आज ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणा का प्रतीक बन गई हैं। कभी आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के बीच जीवन गुजारने वाली गंगा देवी ने स्वयं सहायता समूह (SHG) और झारखंड स्टेट आजीविका प्रमोशन सोसाइटी (JSLPS) के सहयोग से अपनी जिंदगी की दिशा बदल दी। आज वह उन्नत खेती के माध्यम से सालाना लगभग तीन लाख रुपये की आय अर्जित कर रही हैं।

गंगा देवी का जीवन वर्ष 2016 तक सामान्य ग्रामीण महिलाओं की तरह घर और खेती तक सीमित था। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी और आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं था। इसी दौरान जेएसएलपीएस की पहल पर गांव में महिलाओं को संगठित कर “ज्योति महिला समूह” का गठन किया गया। गंगा देवी भी इस समूह से जुड़ीं और नियमित बचत व बैठकों में हिस्सा लेने लगीं।

समूह से जुड़ने के बाद उनके अंदर आत्मविश्वास बढ़ा। उन्होंने सामुदायिक निवेश कोष (CIF) से 40 हजार रुपये का ऋण लेकर पारंपरिक खेती के बजाय तरबूज, टमाटर और झिंगी जैसी उन्नत फसलों की खेती शुरू की। बाद में स्टार्टअप विलेज एंटरप्रेन्योरशिप प्रोग्राम (SVEP) के तहत 30 हजार रुपये का अतिरिक्त ऋण लेकर खेतों में टपक सिंचाई प्रणाली स्थापित की।

आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक खेती के कारण उनकी फसल की गुणवत्ता और उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। बाजार में बेहतर दाम मिलने से उनकी आय लगातार बढ़ी और आज वह हर महीने करीब 25 हजार रुपये तक की कमाई कर रही हैं। उनकी सफलता में पूरे परिवार का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है, जो खेती के कार्यों में उनका सहयोग करता है।

गंगा देवी अब अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने और खेती के दायरे को और विस्तारित करने का सपना देख रही हैं। उनकी यह सफलता साबित करती है कि सही मार्गदर्शन, मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख सकती हैं। उनकी कहानी आज क्षेत्र की अनेक महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन चुकी है।

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