उत्तरकाशी: उत्तराखंड के गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित धराली गांव इस समय भीषण प्राकृतिक आपदा का सामना कर रहा है। बादल फटने के बाद आई बाढ़ और मलबे ने पूरे गांव को तबाह कर दिया। आपदा में कई लोगों के लापता होने की आशंका है, जबकि दर्जनों घर, होटल और होमस्टे बाढ़ में बह गए।
प्रशासन युद्धस्तर पर रेस्क्यू में जुटा
प्रशासन की ओर से लापता लोगों की खोज और राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है। फिलहाल गंगोत्री हाईवे पर कई जगह मलबा आने से मार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिससे राहत कार्यों में भी भारी दिक्कत आ रही है। जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि अभी नुकसान का आकलन करना जल्दबाजी होगी, लेकिन हालात बेहद गंभीर हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दी मदद का भरोसा
आपदा की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी पीड़ितों को हरसंभव मदद का भरोसा दिया है। राज्य सरकार के साथ मिलकर केंद्र राहत कार्यों पर नजर बनाए हुए है।
चार की मौत, 40 से अधिक लोग लापता
अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्र ने जानकारी दी कि अब तक चार लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि 40 से 50 लोग लापता बताए जा रहे हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार लगभग 25 से 30 होटल और होमस्टे बाढ़ की चपेट में आकर बह गए हैं।
कल्प केदार मंदिर भी मलबे में दबा
खीर गाड़ नदी के तट पर स्थित प्राचीन कल्प केदार मंदिर के भी मलबे में दबने की सूचना है, जिससे क्षेत्र में धार्मिक आस्था को भी झटका लगा है। प्रशासन ने रेस्क्यू तेज़ कर दिया है और सड़क मार्ग खोलने के लिए मशीनें लगातार काम कर रही हैं।








