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नासा बजट में कटौती पर 300 कर्मचारियों का विरोध, ‘वॉयेजर डिक्लेरेशन’ पर किए हस्ताक्षर

वॉशिंगटन। ट्रंप प्रशासन द्वारा नासा के बजट में प्रस्तावित कटौती के खिलाफ 300 से अधिक वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों ने एकजुट होकर विरोध जताया है। इन कर्मचारियों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें नासा की मूल कार्यप्रणाली और सुरक्षा के लिए खतरनाक बदलावों का विरोध किया गया है। यह पत्र “वॉयेजर डिक्लेरेशन” नाम से प्रसिद्ध हो गया है और इसे नव-नियुक्त नासा के अंतरिम प्रशासक सीन डफी को संबोधित किया गया है, जो इस माह की शुरुआत में नासा के कार्यवाहक प्रमुख बने थे।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि पिछले छह महीनों में नासा में कई तेज़ और अपव्ययी बदलाव किए गए हैं, जिनका न केवल एजेंसी की कार्यप्रणाली पर असर पड़ सकता है, बल्कि यह मानव सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए भी खतरा बन सकते हैं। हस्ताक्षरकर्ताओं में छह पूर्व अंतरिक्ष यात्री भी शामिल हैं, जिन्होंने इस बात पर जोर दिया कि प्रस्तावित बजट कटौती से नासा के वैज्ञानिक मिशनों की नींव कमजोर हो सकती है।

विरोध का मुख्य बिंदु: बजट कटौती और सुरक्षा जोखिम

वॉयेजर डिक्लेरेशन के हस्ताक्षरकर्ताओं का कहना है कि प्रस्तावित बजट में कटौती से न केवल अंतरिक्ष एजेंसी की वैज्ञानिक अनुसंधान परियोजनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, बल्कि इससे जनसंपत्ति का नुकसान और मानव सुरक्षा में भी जोखिम आ सकता है। इसके अलावा, राष्ट्रीय सुरक्षा की दिशा में भी कमजोरी आ सकती है। खासतौर पर, वैज्ञानिक शोध कार्यक्रम इन कटौतियों के सबसे बड़े शिकार बन सकते हैं।

पूर्व अंतरिक्ष यात्रियों और नासा के वरिष्ठ अधिकारियों का कहना है कि यदि इस तरह के निर्णय लागू होते हैं, तो अमेरिका की अंतरिक्ष अन्वेषण में वैश्विक नेतृत्व की स्थिति भी कमजोर हो सकती है। इस विरोध पत्र को साइन करने वाले कर्मचारियों का मानना है कि यदि यह कटौती लागू होती है, तो नासा के मिशन और अनुसंधान कार्यक्रमों पर दीर्घकालिक नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

नासा की प्रवक्ता का बयान

नासा की प्रवक्ता, बेथनी स्टीवंस ने इस विवाद पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि “किसी भी तरह की कर्मचारियों में कटौती से सुरक्षा में कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हमारा मुख्य ध्यान प्रमुख मिशनों पर है, और हम पुराने या कम प्राथमिकता वाले अभियानों को बनाए रखने की बजाय इन प्रमुख अभियानों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।”

स्टीवंस ने यह भी स्पष्ट किया कि नासा के मिशन और कार्यक्रमों को प्राथमिकता देने के लिए बजट में जो समायोजन किया जा रहा है, वह केवल उन परियोजनाओं को प्रभावित करेगा जिन्हें अब कम प्राथमिकता दी गई है। इसके बावजूद, नासा के पूर्व अधिकारी और वैज्ञानिक समुदाय इस मुद्दे पर चिंता व्यक्त कर रहे हैं कि इस तरह की कटौतियां अंततः अंतरिक्ष अन्वेषण, अनुसंधान और अमेरिका की वैश्विक नेतृत्व क्षमता को नुकसान पहुंचा सकती हैं।

वैज्ञानिक समुदाय की चिंता

वैज्ञानिक समुदाय के सदस्य यह डर जताते हैं कि बजट में कटौती के चलते नासा के कई महत्वपूर्ण शोध कार्यक्रम प्रभावित हो सकते हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से नासा ने दशकों से अंतरिक्ष विज्ञान में अपनी स्थिति मजबूत की है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी भूमिका निभाई है। वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि इन शोध कार्यक्रमों में कोई विघ्न आता है, तो न केवल अमेरिकी वैज्ञानिक समुदाय को बल्कि वैश्विक वैज्ञानिक अनुसंधान को भी नुकसान हो सकता है।

इसी तरह की चिंता नासा के उन पूर्व अधिकारियों को भी है, जिन्होंने अंतरिक्ष अन्वेषण के क्षेत्र में वर्षों तक काम किया है। उनका कहना है कि यदि नासा के बजट में गंभीर कटौती की जाती है, तो यह अमेरिका के अंतरिक्ष मिशनों को आगे बढ़ाने की क्षमता को बाधित कर सकता है और इससे अंतरिक्ष में अमेरिका की स्थिति को वैश्विक स्तर पर भी कमजोर कर सकता है।

प्रशासन का दृषटिकोन

वर्तमान में ट्रंप प्रशासन का यह कहना है कि नासा के बजट में कटौती केवल उन अभियानों पर प्रभाव डालेगी जिन्हें कम प्राथमिकता दी गई है, जबकि मुख्य मिशन और परियोजनाएं सुरक्षित रहेंगी। प्रशासन का यह भी दावा है कि वे संसाधनों का प्रभावी उपयोग करना चाहते हैं और इस उद्देश्य के तहत कुछ पुराने और कम प्रभावी अभियानों को बंद करने का विचार कर रहे हैं।

हालांकि, वैज्ञानिक समुदाय और नासा के कई पूर्व अधिकारी इस दृष्टिकोण से सहमत नहीं हैं और उनका मानना है कि इस तरह के फैसले से नासा के दीर्घकालिक उद्देश्यों को गंभीर नुकसान हो सकता है। वे यह तर्क देते हैं कि अंतरिक्ष अन्वेषण और वैज्ञानिक अनुसंधान में किए गए निवेश से जो लाभ प्राप्त हुआ है, उसे किसी भी सूरत में नजरअंदाज नहीं किया जा सकता है।

नासा की भूमिका और भविष्य

नासा के लिए यह एक अहम मोड़ है, क्योंकि बजट कटौती के बीच एजेंसी को अपनी कार्यप्रणाली और भविष्य के मिशनों को लेकर गंभीर निर्णय लेने होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नासा को आगे भी अपनी वैज्ञानिक और अंतरिक्ष मिशनों की उच्च प्राथमिकता बनाए रखनी है, तो उसे प्रशासन के बजट कटौती के फैसलों पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता हो सकती है।

आखिरकार, यह न केवल अमेरिकी अंतरिक्ष कार्यक्रम के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि वैश्विक अंतरिक्ष अन्वेषण समुदाय पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा।

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