आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता सईद अख्तर ने कहा—“सत्य परेशान हो सकता है, पराजित नहीं”
आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व प्रदेश मीडिया प्रभारी सईद अख्तर ने शुक्रवार को प्रेस बयान जारी करते हुए कहा कि अरविन्द केजरीवाल और मनीष सिसोदिया की ईमानदारी पर न्यायालय की टिप्पणी ने मुहर लगा दी है। उन्होंने कहा कि न्यायालय ने अपने निर्णय में स्पष्ट किया कि दोनों नेताओं के विरुद्ध लगाए गए आरोपों को सिद्ध करने के लिए पर्याप्त ठोस साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
सईद अख्तर ने कहा कि जांच एजेंसी द्वारा लगाए गए आरोप अनुमान और परिकल्पनाओं पर आधारित थे, जिन्हें अदालत में प्रमाणित नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि यह फैसला न केवल दो नेताओं के लिए, बल्कि सत्य और न्याय की जीत का प्रतीक है। “आज यह सिद्ध हो गया कि सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन पराजित नहीं किया जा सकता,” उन्होंने कहा।
आम आदमी पार्टी के नेता ने आरोप लगाया कि पार्टी की बढ़ती लोकप्रियता से घबराकर राजनीतिक द्वेष के तहत उसके शीर्ष नेताओं पर तथाकथित शराब घोटाले के आरोप लगाए गए। उनका कहना था कि समय के साथ सच्चाई सामने आ गई है और देश की जनता सब देख रही है।
सईद अख्तर ने आगे कहा कि यह निर्णय आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं के मनोबल को और मजबूत करेगा। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा पारदर्शिता, जवाबदेही और जनहित की राजनीति के लिए प्रतिबद्ध रही है।
वहीं, राजनीतिक गलियारों में इस फैसले के बाद बयानबाजी तेज हो गई है। विभिन्न दलों की ओर से इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, अंतिम कानूनी प्रक्रिया और विस्तृत आदेश की प्रति आने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
फिलहाल, आम आदमी पार्टी इसे नैतिक जीत के रूप में देख रही है और पार्टी नेतृत्व ने इसे लोकतंत्र और न्यायपालिका पर भरोसे की पुनर्पुष्टि बताया है।








