देहरादून। रायपुर थाना क्षेत्र में सामने आए भूमि धोखाधड़ी मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर फर्जी दस्तावेजों और झूठे दावों के जरिए जमीन बेचने का झांसा देकर लाखों रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने वादी को एक जमीन अपने परिचितों की बताकर खुद को उसका अधिकृत विक्रेता बताया था। इसके बाद एक फर्जी विक्रय अनुबंध तैयार कर वादी से 30 लाख रुपये बतौर बयाना ले लिए गए। बाद में पता चला कि जिन लोगों को जमीन का मालिक बताया गया था, वे वास्तविक स्वामी ही नहीं थे। साथ ही जमीन के असली मालिकों ने आरोपियों को बिक्री का कोई अधिकार भी नहीं दिया था।
विवेचना के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि आरोपियों ने कूटरचित दस्तावेजों और फर्जी अधिकारों का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी को अंजाम दिया। जब वादी ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपियों द्वारा दिए गए चेक भी बाउंस हो गए। मामला दर्ज होने के बाद से मुख्य आरोपी प्रदीप सकलानी लगातार फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
देहरादून पुलिस द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में थाना रायपुर पुलिस ने प्रदीप सकलानी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी डालनवाला स्थित एकता विहार में किसी प्रॉपर्टी डील को लेकर लोगों से संपर्क कर रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 21 मई 2026 को प्रदीप सकलानी और मामले में नामजद एक अन्य आरोपी अजय सजवाण को एकता कॉलोनी, डालनवाला से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए हर दो-तीन महीने में अपना ठिकाना बदलता रहता था और देहरादून के अलग-अलग इलाकों में किराये पर रह रहा था।
पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।







