देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने राज्य के निर्माण श्रमिकों को योजनाओं का लाभ सरलता से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की है। इसी क्रम में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (BOCW) और CSC e-Governance Services India Limited के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।
देहरादून में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह समझौता औपचारिक रूप से संपन्न हुआ। इस पहल का मुख्य उद्देश्य निर्माण श्रमिकों के पंजीकरण और नवीनीकरण की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और सुलभ बनाना है, ताकि अधिक से अधिक श्रमिक सरकारी योजनाओं का लाभ उठा सकें।
समझौते पर बोर्ड की ओर से डिप्टी लेबर कमिश्नर विपिन कुमार तथा CSC की ओर से अश्वनी कुमार ने हस्ताक्षर किए। यह प्रक्रिया वरिष्ठ अधिकारी पी.सी. दुमका की गरिमामयी उपस्थिति में पूरी की गई।
सरकार का मानना है कि CSC के व्यापक नेटवर्क के माध्यम से अब दूरदराज़ और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले श्रमिकों को भी अपने नजदीकी केंद्रों पर ही पंजीकरण और नवीनीकरण की सुविधा मिल सकेगी। इससे श्रमिकों को जिला मुख्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और उनका समय तथा खर्च दोनों की बचत होगी।
इस व्यवस्था के लागू होने से न केवल सेवाओं की पहुंच बढ़ेगी, बल्कि श्रमिकों के डेटा का डिजिटल रिकॉर्ड भी व्यवस्थित रूप से तैयार होगा, जिससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि निर्माण श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा और वित्तीय सहायता से जुड़ी योजनाओं का लाभ समय पर और बिना किसी जटिल प्रक्रिया के मिल सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह समझौता श्रमिकों के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो डिजिटल इंडिया की परिकल्पना को भी मजबूत करता है और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अधिक जनोन्मुख बनाता है।








