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उत्तरकाशी आपदा में चौबीसों घंटे जुटी स्वास्थ्य विभाग की टीमें, हर स्तर पर मिल रही चिकित्सा सहायता*

उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में आई प्राकृतिक आपदा के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें लगातार राहत और चिकित्सा कार्यों में जुटी हुई हैं। प्रदेश सरकार ने इस आपदा को गंभीरता से लेते हुए हर प्रभावित क्षेत्र में मेडिकल सुविधाओं को त्वरित रूप से सक्रिय कर दिया है। धराली से लेकर चिन्यालीसौड़ और गंगोत्री तक स्वास्थ्यकर्मी, डॉक्टर और एम्बुलेंस सेवाएं चौबीसों घंटे कार्यरत हैं।

मातली में 128 यात्रियों की जांच, 25 को प्राथमिक उपचार

शुक्रवार को धराली से हेलिकॉप्टर सेवा के माध्यम से 128 यात्रियों को रेस्क्यू कर मातली लाया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने सभी यात्रियों की मौके पर ही स्क्रीनिंग की, जिनमें से 25 यात्रियों को प्राथमिक उपचार दिया गया। एक गंभीर रूप से बीमार यात्री को उत्तरकाशी जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है, जहां उसका इलाज विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा रहा है।

चिन्यालीसौड़ में सभी 76 यात्री स्वस्थ पाए गए

वहीं, चिन्यालीसौड़ हेलीपैड पर पहुंचे 76 यात्रियों की भी स्क्रीनिंग की गई। सभी यात्री पूरी तरह स्वस्थ पाए गए। चिकित्सकों ने सतर्कता के साथ सभी की जांच की और उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य परामर्श देकर गंतव्य के लिए रवाना कर दिया।

जिला अस्पताल में 9 मरीजों का इलाज जारी

उत्तरकाशी जिला अस्पताल में वर्तमान में 9 मरीज भर्ती हैं। स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार के अनुसार, इन सभी मरीजों को हर प्रकार की चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। डॉक्टरों की विशेषज्ञ टीम मरीजों पर नजर बनाए हुए है और स्थिति के अनुसार इलाज किया जा रहा है।

धराली में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती

धराली क्षेत्र में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मेघना असवाल के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक टीम तैनात की गई है, जिसमें जनरल सर्जन, निश्चेतक, ऑर्थोपेडिक और मनोरोग विशेषज्ञ शामिल हैं। टीम में डॉ. मोहन डोगरा, डॉ. कुलवीर सिंह राणा, डॉ. संजीव कटारिया, डॉ. परमार्थ जोशी, डॉ. एम एस कौशिक, डॉ. शिवम पाठक और डॉ. रोहित गोदिवाल जैसी विशेषज्ञता शामिल है।

हालांकि धराली में नेटवर्क की समस्या बनी हुई है, लेकिन इसके बावजूद टीम पूरी तरह सक्रिय है और राहत कार्यों में कोई कमी नहीं छोड़ी जा रही है।

राज्यभर में सक्रिय राहत व्यवस्था

स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि गंगोत्री, भटवाड़ी, मातली और चिन्यालीसौड़ जैसे प्रमुख राहत केंद्रों में भी पर्याप्त संख्या में डॉक्टर, एम्बुलेंस, दवाएं और मेडिकल किट्स मुहैया कराए गए हैं। हर्षिल में 9 डॉक्टरों और 3 एम्बुलेंस के साथ 20 मेडिकल किट्स उपलब्ध हैं, वहीं मातली में 5 डॉक्टरों और 14 मेडिकल कर्मियों की टीम 8 एम्बुलेंस और आवश्यक उपकरणों के साथ तैनात है।

चिन्यालीसौड़, गंगोत्री और भटवाड़ी में भी स्थानीय ज़रूरतों के अनुसार मेडिकल टीमों की नियुक्ति की गई है, ताकि आपदा प्रभावित लोगों को तत्काल और प्रभावी उपचार मिल सके।

सीएम धामी के नेतृत्व में तेजी से राहत कार्य

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने आपदा राहत को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। स्वास्थ्य विभाग ने हर राहत बिंदु पर न केवल प्राथमिक चिकित्सा बल्कि विशेषज्ञ उपचार की व्यवस्था भी सुनिश्चित की है। हर रेस्क्यू यात्री की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से की जा रही है। उत्तरकाशी की इस आपदा में सरकार और स्वास्थ्य विभाग का यह समर्पण राहत कार्यों को मजबूत कर रहा है और लोगों को विश्वास दिला रहा है कि हर संकट की घड़ी में सरकार उनके साथ है।

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