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जनगणना को लेकर कुड़मि समाज का बड़ा फैसला, बैठक में पारित हुआ अहम प्रस्ताव

रजरप्पा। आदिबासी कुड़मि समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को रामगढ़ जिले के फोरलेन स्थित पारडीह हुहुवा में आयोजित की गई। प्रस्तावित केंद्रीय कुड़मि भवन स्थल के समीप आयोजित इस बैठक में झारखंड के विभिन्न जिलों सहित कई क्षेत्रों से समाज के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और गणमान्य लोग शामिल हुए। बैठक में सामाजिक संगठन को मजबूत बनाने, पहचान संरक्षण और आगामी जनगणना को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

बैठक के दौरान वर्ष 2026-27 में होने वाली जनगणना को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर समाज के लोगों से अपील की गई कि वे जाति कॉलम में ‘कुड़मि’, भाषा कॉलम में ‘कुड़माली’ तथा धर्म कॉलम में ‘सरना’ दर्ज कराएं। समाज के नेताओं ने इसे समुदाय की पहचान और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

कार्यक्रम में हाल ही में निर्वाचित प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों और सदस्यों का पीले अंगवस्त्र पहनाकर सम्मान किया गया। इस अवसर पर केंद्रीय सचिव बैजनाथ महतो ने कहा कि आदिबासी कुड़मि समाज अपने पूर्वजों की परंपराओं, रीति-रिवाजों और सामाजिक आंदोलनों की विरासत को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

केंद्रीय अध्यक्ष मनोज कुमार महतो ने समाज के लोगों से अपनी भाषा और पहचान को जनगणना में सही रूप से दर्ज कराने का आह्वान किया। वहीं प्रदेश अध्यक्ष मनसू महतो ने कहा कि कुड़मि समाज की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।

बैठक में प्रस्तावित केंद्रीय कुड़मि भवन निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई। भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष सुदर्शन महतो ने कहा कि रामगढ़ जिला हमेशा समाज के आंदोलनों और विकास कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है और कुड़मि भवन निर्माण कार्य को भी प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जाएगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय कोषाध्यक्ष पन्नालाल महतो, केंद्रीय उपाध्यक्ष निरंजन महतो, महिला मोर्चा अध्यक्ष सोनी महतो, प्रदेश कोषाध्यक्ष दिवाकर प्रसाद, जिला अध्यक्ष मनोज कुमार महतो सहित बड़ी संख्या में समाज के प्रतिनिधि और सदस्य उपस्थित रहे।

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