---Advertisement---

विपक्ष के जश्न पर भड़के धामी, महिला आरक्षण बिल गिरने पर उठाए गंभीर सवाल

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महिला आरक्षण के मुद्दे पर विपक्ष के रवैये को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ पर राष्ट्र के नाम दिया गया संबोधन महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण के प्रति केंद्र सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता को स्पष्ट करता है।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में विपक्ष के दोहरे चरित्र को उजागर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विपक्ष की राजनीति देश की महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय है। धामी के अनुसार, लंबे समय से लंबित महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन का पारित न होना अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है और यह महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा अवरोध बना हुआ है।

उन्होंने आगे कहा कि सदन में इस अहम विधेयक के गिरने के बाद कुछ विपक्षी दलों द्वारा जश्न मनाना न केवल असंवेदनशीलता दर्शाता है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों के भी विपरीत है। धामी ने इसे देश की मातृशक्ति का अपमान बताते हुए कहा कि ऐसे व्यवहार से समाज में गलत संदेश जाता है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को समान अधिकार और अवसर देने के लिए लगातार प्रयासरत है। ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ इसी दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है, जो महिलाओं की भागीदारी को राजनीति में सुनिश्चित करेगा।

अंत में उन्होंने कहा कि देश की जनता अब सब देख रही है और समय आने पर सही निर्णय लेगी। महिलाओं के सम्मान और उनके अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जा सकता।

 

Related Post