देहरादून। उत्तराखंड में उच्च शिक्षा को आधुनिक और तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। राज्य सरकार ने राजकीय महाविद्यालयों की विज्ञान प्रयोगशालाओं को हाईटेक बनाने की योजना शुरू की है। इस पहल के तहत Dhan Singh Rawat ने एमबी पीजी कॉलेज हल्द्वानी और राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार की प्रयोगशालाओं के उन्नयन के लिए 4 करोड़ रुपये की धनराशि जारी करने की जानकारी दी है।
मंत्री ने बताया कि दोनों महाविद्यालयों की विज्ञान प्रयोगशालाओं को Indian Institute of Technology Kanpur के सहयोग से आधुनिक बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य छात्रों को नवीनतम उपकरणों और तकनीकों के माध्यम से बेहतर प्रयोगात्मक और शोध आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार, नवाचार और शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी क्रम में प्रदेश के अन्य राजकीय महाविद्यालयों में भी चरणबद्ध तरीके से प्रयोगशालाओं का आधुनिकीकरण किया जाएगा, ताकि छात्र-छात्राएं वैश्विक मानकों के अनुरूप शिक्षा प्राप्त कर सकें।
डॉ. रावत ने बताया कि भविष्य में Indian Institute of Science Bangalore और Indian Institute of Science Education and Research Mohali जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के सहयोग से भी बेसिक साइंस लैब, टिंकरिंग लैब और एप्लीकेशन लैब विकसित की जाएंगी। इसके साथ ही छात्रों को हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और प्रैक्टिकल लर्निंग के अवसर प्रदान किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि महाविद्यालयों में आधारभूत ढांचे के विकास के साथ-साथ शिक्षकों को भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि शिक्षा व्यवस्था को समग्र रूप से मजबूत किया जा सके। राज्य सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में एक मॉडल स्टेट के रूप में स्थापित करना है।








