द्रास। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शनिवार को कारगिल युद्ध स्मारक, द्रास में विजय दिवस के अवसर पर एक सशक्त संदेश देते हुए कहा कि हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर के जरिए भारतीय सेना ने पाकिस्तान को स्पष्ट कर दिया है कि आतंकवाद और उसे समर्थन देने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई न केवल पहलगाम आतंकी हमले का जवाब थी, बल्कि भारत की नई सैन्य नीति का भी संकेत है—जिसमें जवाब निर्णायक और प्रभावशाली होगा।
जनरल द्विवेदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में मौजूद नौ महत्वपूर्ण आतंकवादी ठिकानों को बिना किसी भारतीय नुकसान के ध्वस्त किया गया। यह अभियान भारत की आक्रामक और स्पष्ट नीति का प्रतीक बना, जिसमें दुश्मन को करारा और समयबद्ध जवाब दिया गया। उन्होंने कहा, “अब भारत की नई सामान्य स्थिति यह है कि जो भी भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता को चुनौती देगा, उसे कठोर प्रतिक्रिया मिलेगी।”
8 और 9 मई को जवाबी कार्रवाई
सेना प्रमुख ने बताया कि 8 और 9 मई को पाकिस्तान की ओर से हुई किसी भी कार्रवाई का भारतीय सेना ने प्रभावी और निर्णायक जवाब दिया। भारतीय वायु रक्षा प्रणाली इतनी मजबूत रही कि कोई भी मिसाइल या ड्रोन भारतीय सीमा में प्रवेश नहीं कर सका। उन्होंने कहा कि हमारी वायु रक्षा अब एक अभेद्य दीवार की तरह है, जिसे भेद पाना दुश्मन के लिए असंभव है।
रक्षा क्षमताओं का निरंतर विस्तार
सेना प्रमुख ने देश की बढ़ती रक्षा क्षमताओं पर प्रकाश डालते हुए बताया कि भारतीय सेना अब दुनिया की एक महत्वपूर्ण ताकत बनने की राह पर है। हाल ही में सरकार द्वारा ‘रुद्र’ नामक एक नई ब्रिगेड की स्थापना को मंजूरी दी गई है। इस ब्रिगेड में पैदल सेना, मशीनीकृत पैदल सेना, बख्तरबंद इकाइयाँ, तोपखाना, विशेष बल, और मानव रहित हवाई इकाइयाँ एक ही प्लेटफॉर्म पर एकत्रित होंगी, जो सेना की संचालन क्षमता को कई गुना बढ़ा देंगी।
इसके अलावा, सेना ने भैरव लाइट कमांडो यूनिट का गठन किया है, जो सीमावर्ती क्षेत्रों में दुश्मन को चौंकाने और त्वरित जवाबी कार्रवाई के लिए सदैव तैयार रहेगी। उन्होंने बताया कि हर पैदल सेना बटालियन में अब ड्रोन प्लाटून की व्यवस्था की गई है, और शक्तिबान रेजिमेंट नाम की एक नई आर्टिलरी इकाई तैयार की गई है जो ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और लोइटर गोला-बारूद से सुसज्जित होगी। प्रत्येक रेजिमेंट में एक कम्पोजिट बैटरी भी शामिल की जा रही है ताकि आधुनिक युद्ध की आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके।
स्वदेशी रक्षा प्रणाली पर बल
सेना प्रमुख ने स्वदेशीकरण की दिशा में हो रहे प्रयासों की भी सराहना की और बताया कि आने वाले दिनों में सेना की वायु रक्षा प्रणालियों को स्वदेशी मिसाइलों से लैस किया जाएगा, जिससे देश की आत्मनिर्भरता बढ़ेगी और रक्षा क्षेत्र में भारत और अधिक सक्षम होगा।
वीरों को श्रद्धांजलि
अपने संबोधन के अंत में सेना प्रमुख ने कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीरों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आज हम जो स्वतंत्रता और सुरक्षा का अनुभव कर रहे हैं, वह उन वीर सपूतों के बलिदान की बदौलत है, जिन्होंने बर्फीली चोटियों पर अपने प्राणों की आहुति दी। उन्होंने पिछली वर्ष की रजत जयंती समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति को भी याद किया और कहा कि इस तरह की उपस्थिति यह दर्शाती है कि यह केवल सेना का नहीं, बल्कि पूरे देश का पर्व है।








